धागा

धागा तपन कुमार नायक मैं तो संपर्क का धागा पकड़ केभागे दौड़े सबको बोले।अरे भाई तुम जरा ये धागा पकड़ लोमैं अकेला थक गया हूँ।ये धागा तो मेरा नहीं,आप लोगों ने पकड़ाया दिया है। आप लोगों ने मेरे हाथों में गाँठ डाल दीतुम्हें बोला, आपको बोला,थोड़ा ये गाँठ खोल दोमैं हाथ हिला नहीं सकता। मैंने … Continue reading धागा